Monday, October 24, 2011
सरकारी खर्च पर बीएड कर सकेंगी विधवा-परित्यक्ता
बीकानेर/जोधपुर.राज्य में विधवा एवं परित्यक्ता महिलाएं सरकारी खर्च पर बीएड कर सकेंगी। सरकार ने इसके लिए आवेदन का प्रारूप जारी कर दिया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के संयुक्त निदेशक प्रशिक्षण ने सभी उपनिदेशक व जिला शिक्षा अधिकारियों को प्रारूप भेजकर सभी कॉलेजों तक इसकी सूचना पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। पात्र विधवा एवं परित्यक्ता महिलाओं के आवेदन पत्र निर्धारित प्रपत्र के अनुसार तैयार करवाकर स्वीकृति के लिए निदेशालय भेजने होंगे। राज्य में राइट टू एजुकेशन एक्ट लागू होने के बाद एनसीटीई के निर्देशानुसार केवल प्रशिक्षित कार्मिक को ही अध्यापक पदों पर नियुक्त किया जा सकता है।
इससे अधिकांश विधवा अथवा परित्यक्ता महिलाएं, जो बीएसटीसी अथवा बीएड उत्तीर्ण नहीं हैं, तृतीय श्रेणी अध्यापकों के पदों पर नियुक्त नहीं की जा सकती हैं, ऐसी महिलाओं के लिए इसके तहत सरकारी खर्च पर बीएसटीसी या बीएड की योग्यता अर्जित करने की सुविधा दी जाएगी। योजना का लाभ पाने के लिए वह सभी विधवा एवं परित्यक्ता महिलाएं पत्र मानी गई हैं, जो वर्ष 2011-12 एवं इसके आगामी वर्षो में राज्य में स्थित शिक्षक प्रशिक्षण संस्थाओं में बीएसटीसी अथवा बीएड पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेगी।
शपथ पत्र देना होगा
विधवा होने की स्थिति में पति के मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रतिलिपि के साथ महिलाओं को यह शपथ पत्र भी देना होगा कि उसने पुनर्विवाह नहीं किया है। परित्यक्ता होने की स्थिति में सक्षम न्यायालय द्वारा जारी डिक्री की प्रतिलिपि के साथ शपथ पत्र देना होगा कि पुनर्विवाह नहीं किया। मुस्लिम महिलाओं के प्रकरण में सक्षम न्यायालय द्वारा जारी डिक्री के अलावा अधिकृत काजी द्वारा जारी तलाकनामा भी मान्य होगा लेकिन तलाकनामे के साथ समाज के दो प्रतिष्ठित व्यक्तियों के शपथ पत्र प्रस्तुत करने होंगे, जो तलाक को प्रमाणित करते हों।
इससे अधिकांश विधवा अथवा परित्यक्ता महिलाएं, जो बीएसटीसी अथवा बीएड उत्तीर्ण नहीं हैं, तृतीय श्रेणी अध्यापकों के पदों पर नियुक्त नहीं की जा सकती हैं, ऐसी महिलाओं के लिए इसके तहत सरकारी खर्च पर बीएसटीसी या बीएड की योग्यता अर्जित करने की सुविधा दी जाएगी। योजना का लाभ पाने के लिए वह सभी विधवा एवं परित्यक्ता महिलाएं पत्र मानी गई हैं, जो वर्ष 2011-12 एवं इसके आगामी वर्षो में राज्य में स्थित शिक्षक प्रशिक्षण संस्थाओं में बीएसटीसी अथवा बीएड पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेगी।
शपथ पत्र देना होगा
विधवा होने की स्थिति में पति के मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रतिलिपि के साथ महिलाओं को यह शपथ पत्र भी देना होगा कि उसने पुनर्विवाह नहीं किया है। परित्यक्ता होने की स्थिति में सक्षम न्यायालय द्वारा जारी डिक्री की प्रतिलिपि के साथ शपथ पत्र देना होगा कि पुनर्विवाह नहीं किया। मुस्लिम महिलाओं के प्रकरण में सक्षम न्यायालय द्वारा जारी डिक्री के अलावा अधिकृत काजी द्वारा जारी तलाकनामा भी मान्य होगा लेकिन तलाकनामे के साथ समाज के दो प्रतिष्ठित व्यक्तियों के शपथ पत्र प्रस्तुत करने होंगे, जो तलाक को प्रमाणित करते हों।
Sunday, October 9, 2011
1,100 रुपये में उपलब्ध होगा टैबलेट लैपटॉप
इस उपकरण को मानव संसाधन विकास मंत्रालय की राष्ट्रीय स्कूली शिक्षा सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी नीति [एनएसईआईसीटी] और आईआईटी राजस्थान के सहयोग से तैयार किया गया है जिसका निर्माण डाटाविंड नामक कंपनी ने किया है। इसी परियोजना को फरवरी 2009 में हरी झंडी दिखाई गई थी और इस उद्देश्य के लिए 4,612 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया था।
मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि इस टैबलेट लैपटॉप की कीमत करीब 1,500 रुपये निर्धारित की गई थी लेकिन अभी इसकी कीमत 2,276 रुपये हो गई है। सरकार इस पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी प्रदान करेगी और अभी यह छात्रों को करीब 1,100 रुपये में उपलब्ध होगा।
यह लैपटॉप किसी स्टॉल पर उपलब्ध नहीं होगा बल्कि राज्य सरकारों और शैक्षणिक संस्थाओं के माध्यम से छात्रों को मिलेगा। प्रारंभ में इस परियोजना के तहत 10 डालर में छात्रों के लिए लैपटाप तैयार करने की योजना बनाई गई थी जो बाद में 35 डालर रखी गई हालांकि वर्तमान में इसकी लागत 49 डालर आई है।
सिब्बल ने कहा कि सस्ते टैबलेट लैपटॉप का सपना साकार होने की घटना भारत के इतिहास में मील का पत्थर है। हम चाहते हैं कि यह केवल भारत के छात्रों के लिए ही नहीं बल्कि दुनिया में अन्य देशों के छात्रों के लिए भी सुगम हो।
उपकरण निर्माता डाटाविंड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनीत कुमार तुली ने कहा कि अभी उनकी कंपनी को एक लाख टैबलेट तैयार करने का अनुबंध मिला है जिसकी कीमत 2,276 रुपये निर्धारित की गई है। लेकिन 10 लाख टैबलेट तैयार करना हो तो इसकी कीमत घटकर प्रति टैबलेट 1,750 रुपये हो जाएगी।
सात इंच के इस टच स्क्रीन लैपटॉप में दो यूएसबी का पोर्ट है और इसकी बैटरी में तीन घंटे कार्य करने की क्षमता है। यह लैपटाप सौर ऊर्जा के उपयोग से भी चल सकता है। इस उपकरण में वर्ड, एक्सेल, पावर प्वायंट, पीडीएफ, ओपेन आफिस, वेब ब्राउजर और जावा स्क्रिप्ट भी संलग्न है।
इंटरनेट सुविधा से लैस इस उपकरण में मीडिया प्लेयर, वीडियो कांफ्रेंसिंग और मल्टी मीडिया कंटेन्ट सुविधा उपलब्ध है। यह लैपटाप कठिन परिस्थितियों में भी काम कर सकता है।
ऑनलाइन एआईईईई: समस्या के समाधान के लिए मॉक टेस्ट
नई दिल्ली :इंजीनियरिंग में दाखिले के लिए केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से आयोजित हो रहा ऑनलाइन एआईईईई छात्रों के लिए सरल होने जा रहा है।परीक्षा को लेकर छात्रों की तमाम उलझनों को दूर करने के लिए बोर्ड खास तरह की अभ्यास परीक्षा (मॉक टेस्ट) का इंतजाम कर रहा है। इसके तहत इस बार ऑनलाइन परीक्षा का विकल्प चुनने वालों को तैयारी के लिए भरपूर सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। परीक्षा की जिम्मेदारी मुख्य परीक्षा का आयोजन कर रही एजेंसी को सौंपा गया है। सीबीएसई के स्पेशल एग्जामिनेशन (निदेशक) पीतम सिंह के मुताबिक मॉक टेस्ट उम्मीदवारों के मन में पैदा होने वाली शंकाओं के निवारण के लिए तैयार किया जा रहे हैं। इनकी मदद से छात्र पहले से ही कम्प्यूटर आधारित ऑनलाइन परीक्षा के लिए तैयार हो सकेंगे.
ऑनलाइन एग्जाम का आयोजन कराने के लिए एजेंसियों के चयन की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। इस माह के अंत तक जिस एजेंसी का चुनाव किया जाएगा उसे ही मॉक टेस्ट तैयार करने का जिम्मा भी सौंपा जाएगा। बोर्ड के अनुसार यह टेस्ट सिर्फ ऑनलाइन एग्जाम का विकल्प भरने वालों के लिए होंगे। इससे उन्हें कम्प्यूटर पर ही प्रश्नपत्र हल करने की तरकीब समझने में मदद मिलेगी।
यह मॉक टेस्ट उम्मीदवारों को वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएंगे। संभावना जताई जा रही है कि यह टेस्ट छात्रों का तैयारी के लिए दिसबंर से पहले ही अपलोड कर दिए जाएंगे। सिंह ने कहा कि उम्मीदवारों को सलाह है कि जो भी ऑनलाइन का विकल्प भरें वह पहले से ही कंप्यूटर पर इसे अंजाम देने की प्रक्रिया को सीख लें।Tuesday, October 4, 2011
हरियाणा में स्कूली शिक्षा का बंटवारा - द्विस्तरीय प्रणाली लागू हुई
हरियाणा में स्कूली शिक्षा का बंटवारा हो गया है। सोमवार यानी 26 सितंबर से राज्य में द्विस्तरीय प्रणाली शुरू हो जाएगी। स्कूल शिक्षा विभाग की वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव सुरीना राजन ने बीते वीरवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के कारण यह बदलाव किया गया है। मालूम हो कि स्कूली शिक्षा को द्विस्तरीय बनाने के प्रस्ताव की खबर अमर उजाला ने पहले ही प्रकाशित कर दी थी।
अभी तक राज्य में पहली से पांचवीं, छठी से दसवीं और 11वीं-12वीं तक के स्कूल हैं। यानी प्राइमरी, सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी स्कूल। अब द्विस्तरीय प्रणाली होने से पहली से आठवीं तक के स्कूल एक कैटेगरी में और नौवीं से बारहवीं तक के स्कूल दूसरी कैटेगरी में हो गए हैं। अब तक पहली से पांचवीं तक के स्कूलों में जेबीटी टीचर पढ़ाते हैं और उनका प्रशासनिक नियंत्रण भी प्राथमिक शिक्षा निदेशक के पास है। छठी से दसवीं तक के विद्यार्थियों को मास्टर पढ़ाते हैं। उनका प्रशासनिक नियंत्रण आयुक्त एवं महानिदेशक सेकेंडरी एजूकेशन के पास है। दस जमा एक और दो में लेक्चरर पढ़ाते हैं और उनका नियंत्रण भी महानिदेशक सेकेंडरी एजूकेशन के पास है।
अधिसूचना के साथ ही आयुक्त एवं महानिदेशक विजयेंद्र कुमार ने मुख्यालय पर मास्टर वर्ग से जुड़ी ब्रांच के स्टाफ को प्राथमिक शिक्षा निदेशक के तहत चले जाने के आदेश जारी कर दिए हैं। जिला स्तर पर मास्टर और सीएंडवी टीचर से संबंधित स्टाफ और ब्रांच जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारियों को भेजने को निर्देश दिया गया है।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के कारण यह बदलाव किया गया है। मालूम हो कि स्कूली शिक्षा को द्विस्तरीय बनाने के प्रस्ताव की खबर अमर उजाला ने पहले ही प्रकाशित कर दी थी।
अभी तक राज्य में पहली से पांचवीं, छठी से दसवीं और 11वीं-12वीं तक के स्कूल हैं। यानी प्राइमरी, सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी स्कूल। अब द्विस्तरीय प्रणाली होने से पहली से आठवीं तक के स्कूल एक कैटेगरी में और नौवीं से बारहवीं तक के स्कूल दूसरी कैटेगरी में हो गए हैं। अब तक पहली से पांचवीं तक के स्कूलों में जेबीटी टीचर पढ़ाते हैं और उनका प्रशासनिक नियंत्रण भी प्राथमिक शिक्षा निदेशक के पास है। छठी से दसवीं तक के विद्यार्थियों को मास्टर पढ़ाते हैं। उनका प्रशासनिक नियंत्रण आयुक्त एवं महानिदेशक सेकेंडरी एजूकेशन के पास है। दस जमा एक और दो में लेक्चरर पढ़ाते हैं और उनका नियंत्रण भी महानिदेशक सेकेंडरी एजूकेशन के पास है।
अब नए बदलाव में पहली से पांचवीं तक के बच्चों को जेबीटी और छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों को मास्टर पढ़ाएंगे। मास्टर वर्ग का नियंत्रण भी प्राथमिक शिक्षा निदेशक को तबदील कर दिया गया है। अब नौवीं, दसवीं, 11वीं और 12वीं कक्षा में लेक्चरर पढ़ाएंगे। आयुक्त एवं महानिदेशक सेकेंडरी एजूकेशन के नियंत्रण में सिर्फ लेक्चरर रहेंगे।
अधिसूचना के साथ ही आयुक्त एवं महानिदेशक विजयेंद्र कुमार ने मुख्यालय पर मास्टर वर्ग से जुड़ी ब्रांच के स्टाफ को प्राथमिक शिक्षा निदेशक के तहत चले जाने के आदेश जारी कर दिए हैं। जिला स्तर पर मास्टर और सीएंडवी टीचर से संबंधित स्टाफ और ब्रांच जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारियों को भेजने को निर्देश दिया गया है।
Monday, September 12, 2011
D.Ed. Admission - 3rd Counselling
DIRECTOR, S.C.E.R.T. HARYANA, GURGAON
3rd Counselling schedule for admission to D.Ed. (2011-13)
In continuation of 1st phase and 2nd phase of counselling conducted during 30.07.2011 to 18.08.2011 & 27.08.2010 to 04.09.2011on the basis of merit /percentage of marks obtained in 10+2 exam (Course wise, Stream wise and Category wise) the candidates who applied for admission to D.Ed. Course 2011-13 and whose application forms were received up to 04.07.2011, will report to the Director, SCERT Haryana, Gurgaon for verification of their eligibility on the dates and time/session mentioned in the Link given below:
Subscribe to:
Posts (Atom)
