Monday, July 2, 2012

वेबसाइट पर मिलेगी बीमा संबंधी हर जानकारी

  1. बीमा नियामक इरडा ने एक वेबसाइट लांच की है, जिस पर लोगों को बीमा पॉलिसी खरीदने के बारे में हर जानकारी मिल सकेगी। इरडा ने बयान में कहा है कि www.policyholder.gov.in पर पॉलिसी धारकों और अन्य लोगों को उपयोगी जानकारी मिल सकेगी। इस पर लोगों को बीमा खरीदने, स्टैंडर्ड क्लेम प्रोसीजर आदि के बारे में जानकारी मिल सकेगी। इसके अलावा पॉलिसी धारकों को यह भीपता चल सकेगा कि वे क्या करें और क्या नहीं करें। वेबसाइट उपभोक्ताओं के लिए अलर्ट भी जारी करेगी। मालूम हो कि 1956 में बीमा क्षेत्रके राष्ट्रीयकरण के बावजूद 2010 तक 5.1 फीसदी आबादी ने ही बीमा कराया है। 2001 में 2.71 फीसदी आबादी ने बीमा करारखा था। देश में अभी 24 जीवन बीमा और 27 गैर जीवन बीमा कंपनियां मौजूद हैं।

Saturday, January 28, 2012

वसंत पंचमी -सरस्वती जयंती


 सरस्वती वाणी, विद्या, ज्ञान-विज्ञान एवं कला-कौशल आदि की अधिष्ठात्री मानी जाती हैं। वे प्रतीक हैं मानव में निहित उस चैतन्य शक्ति की, जो उसे अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर अग्रसर करती है। सर्वाधिक प्राचीन ग्रंथ ऋग्वेद में सरस्वती के दो रूपों का दर्शन होता है- प्रथम वाग्देवी और द्वितीय सरस्वती। इन्हें बुद्धि (प्रज्ञा) से संपन्न, प्रेरणादायिनी एवं प्रतिभा को तेज करने वाली शक्ति बताया गया है। ऋग्वेद संहिता के सूक्त संख्या 8/100 में वाग्देवी की महिमा का वर्णन किया गया है। ऋग्वेद संहिता के दशम मंडल का 125वां सूक्त पूर्णतया वाक् (वाणी) को समर्पित है। इस सूक्त की आठ ऋचाओं के माध्यम से स्वयं वाक्शक्ति (वाग्देवी) अपनी साम‌र्थ्य, प्रभाव, सर्वव्यापकता और महत्ता का उद्घोष करती हैं। वाणी का महत्व : बृहदारण्यक उपनिषद् में राजा जनक महर्षि याज्ञवल्क्य से पूछते हैं- जब सूर्य अस्त हो जाता है, चंद्रमा की चांदनी भी नहीं रहती और आग भी बुझ जाती है, उस समय मनुष्य को प्रकाश देने वाली कौन-सी वस्तु है? ऋषि ने उत्तर दिया- वह वाक् (वाणी) है। तब वाक् ही मानव को प्रकाश देता है। मानव के लिए परम उपयोगी मार्ग दिखाने वाली
शक्ति वाक् (वाणी) की अधिष्ठात्री हैं भगवती सरस्वती। छांदोग्य उपनिषद् (7-2-1) के अनुसार, यदि वाणी का अस्तित्व न होता तो अच्छाई-बुराई का ज्ञान नहीं हो पाता, सच-झूठ का पता न चलता, सहृदय और निष्ठुर में भेद नहीं हो पाता। अत: वाक् (वाणी) की उपासना करो। ज्ञान का एकमात्र अधिष्ठान वाक् है। प्राचीनकाल में वेदादि समस्त शास्त्र कंठस्थ किए जाते रहे हैं। आचार्यो द्वारा शिष्यों को शास्त्रों का ज्ञान उनकी वाणी के माध्यम से ही मिलता है। शिष्यों को गुरु-मंत्र उनकी वाणी से ही मिलता है। वाग्देवी सरस्वती की आराधना की प्रासंगिकता आधुनिक युग में भी है। मोबाइल द्वारा वाणी (ध्वनि) का संप्रेषण एक स्थान से दूसरे स्थान होता है। ये ध्वनि-तरंगें नाद-ब्रंा का ही रूप हैं। वसंतपंचमी है वागीश्वरी जयंती : जीभ सिर्फ रसास्वादन का माध्यम ही नहीं, बल्कि वाग्देवी का सिंहासन भी है। देवी भागवत के अनुसार, वाणी की अधिष्ठात्री सरस्वती देवी का आविर्भाव श्रीकृष्ण की जिह्वा के अग्रभाग से हुआ था। परमेश्वर की जिह्वा से प्रकट हुई वाग्देवी सरस्वती कहलाई। अर्थात वैदिक काल की वाग्देवी कालांतर में सरस्वती के नाम से प्रसिद्ध हो गई। ग्रंथों में माघ शुक्ला पंचमी (वसंत पंचमी) को वाग्देवी के प्रकट होने की तिथि माना गया है। इसी कारण वसंत पंचमी के दिन वागीश्वरी जयंती मनाई जाती है, जो सरस्वती-पूजा के नाम से प्रचलित है। वाणी की महत्ता पहचानो : वाग्देवी की आराधना में छिपा आध्यात्मिक संदेश है कि आप जो भी बोलिए, सोच-समझ कर बोलिए। हम मधुर वाणी से शत्रु को भी मित्र बना लेते हैं, जबकि कटुवाणी अपनों को भी पराया बना देती है। वाणी का बाण जिह्वा की कमान से निकल गया, तो फिर वापस नहीं आता। इसलिए वाणी का संयम और सदुपयोग ही वाग्देवी को प्रसन्न करने का मूलमंत्र है। जब व्यक्ति मौन होता है, तब वाग्देवी अंतरात्मा की आवाज बनकर सत्प्रेरणा देती हैं।

Tuesday, December 13, 2011

ONE ROLL NO. FOR ALL SEMESTER :CDLU

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की तर्ज पर चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी ने भी स्नातक व स्नातकोत्तर में विद्यार्थियों को पूरे कोर्स के दौरान एक ही रोल नंबर कम रजिस्ट्रेशन नंबर जारी करने का निर्णय लिया है।नौ दिसंबर से शुरू हुई स्नातकोत्तर कोर्सों की प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा दे रहे विद्यार्थियों को यूनिवर्सिटी ने पूर्व में रोल नंबर कम रजिस्ट्रेशन नंबर जारी किए थे। अब पूरे कोर्स के दौरान विद्यार्थियों का यही रोल नंबर चलेगा। इससे विद्यार्थियों और अधिकारियों को आसानी होगी। सीडीएलयू से पहले सिरसा और फतेहाबाद जिले के 46 कॉलेज कुरुक्षेत्र से संबद्ध थे। केयूके ने नए सत्र से पूरे कोर्स के लिए एक ही रोल नंबर जारी करने की योजना बनाई थी। इसी बीच जुलाई में दोनों 
जिलों के कॉलेज सीडीएलयू से संबद्ध कर दिए गए। सीडीएलयू ने इस योजना पर काम करते हुए नए सत्र से एनरोल हुए सभी 11525 विद्यार्थियों को 11 अंकों के रोल नंबर कम रजिस्ट्रेशन नंबर जारी किए। ॥इस बार से एनरोल हुए 11525 विद्यार्थियों को रोल नंबर कम रजिस्ट्रेशन नंबर जारी किए गए थे। अब हर साल परीक्षा विद्यार्थियों का रोल नंबर नहीं बदलेगा। परीक्षा से पहले एडमिट कार्ड जरूर जारी किए जाएंगे। एक रोल नंबर होने से विद्यार्थियों का रिकार्ड आदि जांच करने, खोजने व प्रशासनिक कार्यों में बहुत सुविधा होती है।ञ्जञ्ज डॉ. प्रवीन अघमकर, प्रोफेसर व कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन, सीडीएलयू

Sunday, December 4, 2011

STATISTICS OF HTET 2011

आखिर इंतजार की घडि़यां समाप्त हुई। शिक्षा बोर्ड ने हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा-2011 का परिणाम घोषित कर दिया है। परिणाम एक बार फिर निराशाजनक रहा है। कुल 4 लाख 12 हजार 643 परीक्षार्थियों में से केवल 71 हजार 117 ही पास हो पाए हैं। शिक्षा बोर्ड के बोर्ड सचिव चंद्रप्रकाश ने बताया कि कैटेगरी एक अर्थात कक्षा पहली से पांचवीं के अध्यापकों की श्रेणी में 1,66,393 परीक्षार्थी प्रविष्ट हुए थे। इनमें से 33,052 उत्तीर्ण हुए हैं। इनका पास प्रतिशत 19.86 रहा है। इनमें 13,303 पुरुष और 19,749 महिला परीक्षार्थी शामिल हैं। कैटेगरी-2 अर्थात छठी कक्षा से आठवीं कक्षा के अध्यापकों की श्रेणी में 1,57,624 परीक्षार्थी प्रविष्ट हुए थे। इनमें से 24,766 उत्तीर्ण हुए हैं। इनका पास प्रतिशत 15.71 रहा है। इनमें 10,485 पुरुष और 14,281 महिला परीक्षार्थी शामिल हैं। कैटेगरी-3 अर्थात लेक्चरर वर्ग में 88,626 परीक्षार्थी शामिल हुए। इनमें से 13,299 उत्तीर्ण हुए हैं। इनका पास प्रतिशत 15.01 रहा है। इनमें 4,961 पुरुष और 8,338 महिला परीक्षार्थी शामिल हैं। बोर्ड सचिव ने बताया कि
यह परिणाम 2 दिसंबर को शाम पांच बजे से बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया है। 3 दिसंबर को प्रात: 7 बजे से सायं 7 बजे तक बोर्ड मुख्यालय पर स्थित हेल्पलाइन नं. 01664-254000 पर भी परीक्षा परिणाम की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

Friday, December 2, 2011

Result of HTET

Haryana Board of school Education has announced the result of Haryana Teacher Eligibility Tet of Category-I, Category II and Category -III.


To know your result of HTET. Please click the following link

Please click here to know your HTET result

Wednesday, November 30, 2011

गरीब बच्चों के दाखिले के लिए हेल्पलाइन शुरू

नई दिल्ली:शिक्षा के अधिकार कानून के तहत नर्सरी दाखिले में 25 फीसदी गरीबी कोटे की सीटों पर दाखिले के लिए वरिष्ठ वकील अशोक अग्रवाल ने एक हेल्पलाइन शुरू की है। इसका मकसद निजी स्कूलों में गरीबों के लिए आरक्षित सीटों पर गरीब बच्चों का दाखिला सुनिश्चित करना है। शिक्षा के अधिकार कानून में सभी स्कूलों में 25 फीसदी मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा की बात कही गई है। वकील अशोक अग्रवाल ने बताया कि सोशल जूरिस्ट संस्था की ओर से हेल्पलाइन शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि स्कूल में दाखिला लेना प्रत्येक बच्चे का कानूनी अधिकार है। कमजोर और पिछड़े वर्ग के बच्चे निजी स्कूलों में नर्सरी कक्षा में दाखिला ले सकते हैं और आठवीं तक मुफ्त में शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। आरटीई कानून के तहत निजी और सरकारी स्कूल गरीब बच्चों को दाखिला से मना नहीं कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि फोन करने वाले लोगों को यह बताया जा रहा है कि दाखिले के लिए कौन-कौन सा प्रमाण पत्र जरूरी है और अगर नहीं है तो तुरंत बनवाने की बात कही जा रही है। गरीबी कोटे के लिए आय प्रमाण बेहद जरूरी होता है। ईडब्ल्यूएस कोटे की राशि तय करने की मांग: नर्सरी दाखिले की शुरुआत होने से पहले ही निजी स्कूलों ने आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों पर होने वाले खर्च के भुगतान को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए हैं।

स्कूलों का कहना है कि ईडब्ल्यूएस कोटे के बच्चों पर होने वाली खर्च की राशि सरकार की ओर से अभी तक तय नहीं की गई और न ही इसके भुगतान के लिए ठोस कारवाई की गई। दरअसल, शिक्षा के अधिकार कानून के मुताबिक निजी स्कूलों में ईडब्ल्यूएस के तहत 25 प्रतिशत बच्चों को मुफ्त में शिक्षा देने के साथ-साथ यूनिफार्म और किताब-कॉपी देने की बात है

Saturday, October 29, 2011

Admit Cards HTET 2011


Board of School Education Haryana, Bhiwani has put the Admit Cards of all HTET Eligible Candidates on the website. You can download your Admit Card using your application number or name.


Click the Link given below to download your Admit Card


Admit Card (Application No.Wise)


Admit Card (Name Wise)

Friday, October 28, 2011

एचटेट में परीक्षार्थियों को करने होंगे दो बार हस्ताक्षर

हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा की पवित्रता बनाए रखने के लिए शिक्षा बोर्ड प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। परीक्षा को सफल बनाने के लिए पहली बार प्रदेश के तीनों विश्वविद्यालय व माध्यमिक शिक्षा विभाग भी जुट गए हैं। साथ ही बोर्ड प्रशासन ने परीक्षार्थियों से दो बार हस्ताक्षर कराने का निर्णय लिया है। सूत्र बताते हैं कि एचटेट परीक्षा के दौरान गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय हिसार, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र तथा माध्यमिक शिक्षा विभाग के करीब ढाई सौ अधिकारी व कर्मचारी भी ड्यूटी देंगे। हर परीक्षा केंद्र में 310 परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था होगी। एक परीक्षा केंद्र की निगरानी के लिए 2 जेसीओ, एक उपायुक्त कार्यालय का प्रतिनिधि तैनात होगा। प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारी भी निगरानी रखेंगे। इनके अलावा 20 आरएएफ तथा 20 प्रश्नपत्र उड़नदस्ते भी कड़ी निगरानी रखेंगे। परीक्षा के लिए पूर्व सैनिकों को भी तैनात किया जा रहा है। फर्जी परीक्षार्थियों की धरपकड़ के लिए उत्तरपुस्तिका में पहली बार दो बार हस्ताक्षर करने का प्रावधान किया गया है। पहली बार परीक्षा शुरू होते ही और दूसरी बार 
परीक्षा समाप्त होते ही हस्ताक्षर करने होंगे। जेसीओ परीक्षार्थी के परीक्षा केंद्र में प्रवेश करते ही उसके फोटो का मिलान करेंगे। पूर्व की भांति इस बार भी पांच प्रकार के ही प्रश्न पत्र दिए जाएंगे। जाहिर है कि एचटेट की पवित्रता को बचाने के लिए बोर्ड प्रशासन का चक्रव्यूह काफी कारगर साबित हो सकता है। शिक्षा बोर्ड के सचिव शेखर विद्यार्थी ने इसकी पुष्टि की है।

Thursday, October 27, 2011

HTET - Application Status

Board of School Education Haryana, Bhiwani has put the Application Status of all HTET Candidates on the website. You can check your application status using your application number or name.


Click the Link given below to see the Status of your Application



Check Status of HTET

Monday, October 24, 2011


सरकारी खर्च पर बीएड कर सकेंगी विधवा-परित्यक्ता

बीकानेर/जोधपुर.राज्य में विधवा एवं परित्यक्ता महिलाएं सरकारी खर्च पर बीएड कर सकेंगी। सरकार ने इसके लिए आवेदन का प्रारूप जारी कर दिया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के संयुक्त निदेशक प्रशिक्षण ने सभी उपनिदेशक व जिला शिक्षा अधिकारियों को प्रारूप भेजकर सभी कॉलेजों तक इसकी सूचना पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। पात्र विधवा एवं परित्यक्ता महिलाओं के आवेदन पत्र निर्धारित प्रपत्र के अनुसार तैयार करवाकर स्वीकृति के लिए निदेशालय भेजने होंगे। राज्य में राइट टू एजुकेशन एक्ट लागू होने के बाद एनसीटीई के निर्देशानुसार केवल प्रशिक्षित कार्मिक को ही अध्यापक पदों पर नियुक्त किया जा सकता है। 
इससे अधिकांश विधवा अथवा परित्यक्ता महिलाएं, जो बीएसटीसी अथवा बीएड उत्तीर्ण नहीं हैं, तृतीय श्रेणी अध्यापकों के पदों पर नियुक्त नहीं की जा सकती हैं, ऐसी महिलाओं के लिए इसके तहत सरकारी खर्च पर बीएसटीसी या बीएड की योग्यता अर्जित करने की सुविधा दी जाएगी। योजना का लाभ पाने के लिए वह सभी विधवा एवं परित्यक्ता महिलाएं पत्र मानी गई हैं, जो वर्ष 2011-12 एवं इसके आगामी वर्षो में राज्य में स्थित शिक्षक प्रशिक्षण संस्थाओं में बीएसटीसी अथवा बीएड पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेगी।
शपथ पत्र देना होगा
विधवा होने की स्थिति में पति के मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रतिलिपि के साथ महिलाओं को यह शपथ पत्र भी देना होगा कि उसने पुनर्विवाह नहीं किया है। परित्यक्ता होने की स्थिति में सक्षम न्यायालय द्वारा जारी डिक्री की प्रतिलिपि के साथ शपथ पत्र देना होगा कि पुनर्विवाह नहीं किया। मुस्लिम महिलाओं के प्रकरण में सक्षम न्यायालय द्वारा जारी डिक्री के अलावा अधिकृत काजी द्वारा जारी तलाकनामा भी मान्य होगा लेकिन तलाकनामे के साथ समाज के दो प्रतिष्ठित व्यक्तियों के शपथ पत्र प्रस्तुत करने होंगे, जो तलाक को प्रमाणित करते हों।

Sunday, October 9, 2011


1,100 रुपये में उपलब्ध होगा टैबलेट लैपटॉप

नई दिल्ली। तमाम झंझावातों के बीच छात्रों के लिए सस्ता लैपटॉप मुहैया कराने की सरकार की योजना, परिकल्पना के छह वर्ष बाद बुधवार को तब मुकाम तक पहुंच गई जब आकाश को औपचारिक रूप से पेश किया गया जिनकी कीमत 2,276 रुपये रखी गई है।
इस उपकरण को मानव संसाधन विकास मंत्रालय की राष्ट्रीय स्कूली शिक्षा सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी नीति [एनएसईआईसीटी] और आईआईटी राजस्थान के सहयोग से तैयार किया गया है जिसका निर्माण डाटाविंड नामक कंपनी ने किया है। इसी परियोजना को फरवरी 2009 में हरी झंडी दिखाई गई थी और इस उद्देश्य के लिए 4,612 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया था।
मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि इस टैबलेट लैपटॉप की कीमत करीब 1,500 रुपये निर्धारित की गई थी लेकिन अभी इसकी कीमत 2,276 रुपये हो गई है। सरकार इस पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी प्रदान करेगी और अभी यह छात्रों को करीब 1,100 रुपये में उपलब्ध होगा।

यह लैपटॉप किसी स्टॉल पर उपलब्ध नहीं होगा बल्कि राज्य सरकारों और शैक्षणिक संस्थाओं के माध्यम से छात्रों को मिलेगा। प्रारंभ में इस परियोजना के तहत 10 डालर में छात्रों के लिए लैपटाप तैयार करने की योजना बनाई गई थी जो बाद में 35 डालर रखी गई हालांकि वर्तमान में इसकी लागत 49 डालर आई है।
सिब्बल ने कहा कि सस्ते टैबलेट लैपटॉप का सपना साकार होने की घटना भारत के इतिहास में मील का पत्थर है। हम चाहते हैं कि यह केवल भारत के छात्रों के लिए ही नहीं बल्कि दुनिया में अन्य देशों के छात्रों के लिए भी सुगम हो।

उपकरण निर्माता डाटाविंड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनीत कुमार तुली ने कहा कि अभी उनकी कंपनी को एक लाख टैबलेट तैयार करने का अनुबंध मिला है जिसकी कीमत 2,276 रुपये निर्धारित की गई है। लेकिन 10 लाख टैबलेट तैयार करना हो तो इसकी कीमत घटकर प्रति टैबलेट 1,750 रुपये हो जाएगी।
सात इंच के इस टच स्क्रीन लैपटॉप में दो यूएसबी का पोर्ट है और इसकी बैटरी में तीन घंटे कार्य करने की क्षमता है। यह लैपटाप सौर ऊर्जा के उपयोग से भी चल सकता है। इस उपकरण में वर्ड, एक्सेल, पावर प्वायंट, पीडीएफ, ओपेन आफिस, वेब ब्राउजर और जावा स्क्रिप्ट भी संलग्न है।
इंटरनेट सुविधा से लैस इस उपकरण में मीडिया प्लेयर, वीडियो कांफ्रेंसिंग और मल्टी मीडिया कंटेन्ट सुविधा उपलब्ध है। यह लैपटाप कठिन परिस्थितियों में भी काम कर सकता है।

ऑनलाइन एआईईईई: समस्या के समाधान के लिए मॉक टेस्ट

नई दिल्ली :इंजीनियरिंग में दाखिले के लिए केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से आयोजित हो रहा ऑनलाइन एआईईईई छात्रों के लिए सरल होने जा रहा है।परीक्षा को लेकर छात्रों की तमाम उलझनों को दूर करने के लिए बोर्ड खास तरह की अभ्यास परीक्षा (मॉक टेस्ट) का इंतजाम कर रहा है। इसके तहत इस बार ऑनलाइन परीक्षा का विकल्प चुनने वालों को तैयारी के लिए भरपूर सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। परीक्षा की जिम्मेदारी मुख्य परीक्षा का आयोजन कर रही एजेंसी को सौंपा गया है।  सीबीएसई के स्पेशल एग्जामिनेशन (निदेशक) पीतम सिंह के मुताबिक मॉक टेस्ट उम्मीदवारों के मन में पैदा होने वाली शंकाओं के निवारण के लिए तैयार किया जा रहे हैं। इनकी मदद से छात्र पहले से ही कम्प्यूटर आधारित ऑनलाइन परीक्षा के लिए तैयार हो सकेंगे.
ऑनलाइन एग्जाम का आयोजन कराने के लिए एजेंसियों के चयन की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। इस माह के अंत तक जिस एजेंसी का चुनाव किया जाएगा उसे ही मॉक टेस्ट तैयार करने का जिम्मा भी सौंपा जाएगा।   बोर्ड के अनुसार यह टेस्ट सिर्फ ऑनलाइन एग्जाम का विकल्प भरने वालों के लिए होंगे। इससे उन्हें कम्प्यूटर पर ही प्रश्नपत्र हल करने की तरकीब समझने में मदद मिलेगी।
यह मॉक टेस्ट उम्मीदवारों को वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएंगे। संभावना जताई जा रही है कि यह टेस्ट छात्रों का तैयारी के लिए दिसबंर से पहले ही अपलोड कर दिए जाएंगे। सिंह ने कहा कि उम्मीदवारों को सलाह है कि जो भी ऑनलाइन का विकल्प भरें वह पहले से ही कंप्यूटर पर इसे अंजाम देने की प्रक्रिया को सीख लें।

Tuesday, October 4, 2011

हरियाणा में स्कूली शिक्षा का बंटवारा - द्विस्तरीय प्रणाली लागू हुई

हरियाणा में स्कूली शिक्षा का बंटवारा हो गया है। सोमवार यानी 26 सितंबर से राज्य में द्विस्तरीय प्रणाली शुरू हो जाएगी। स्कूल शिक्षा विभाग की वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव सुरीना राजन ने बीते वीरवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के कारण यह बदलाव किया गया है। मालूम हो कि स्कूली शिक्षा को द्विस्तरीय बनाने के प्रस्ताव की खबर अमर उजाला ने पहले ही प्रकाशित कर दी थी।

अभी तक राज्य में पहली से पांचवीं, छठी से दसवीं और 11वीं-12वीं तक के स्कूल हैं। यानी प्राइमरी, सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी स्कूल। अब द्विस्तरीय प्रणाली होने से पहली से आठवीं तक के स्कूल एक कैटेगरी में और नौवीं से बारहवीं तक के स्कूल दूसरी कैटेगरी में हो गए हैं। अब तक पहली से पांचवीं तक के स्कूलों में जेबीटी टीचर पढ़ाते हैं और उनका प्रशासनिक नियंत्रण भी प्राथमिक शिक्षा निदेशक के पास है। छठी से दसवीं तक के विद्यार्थियों को मास्टर पढ़ाते हैं। उनका प्रशासनिक नियंत्रण आयुक्त एवं महानिदेशक सेकेंडरी एजूकेशन के पास है। दस जमा एक और दो में लेक्चरर पढ़ाते हैं और उनका नियंत्रण भी महानिदेशक सेकेंडरी एजूकेशन के पास है।

अब नए बदलाव में पहली से पांचवीं तक के बच्चों को जेबीटी और छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों को मास्टर पढ़ाएंगे। मास्टर वर्ग का नियंत्रण भी प्राथमिक शिक्षा निदेशक को तबदील कर दिया गया है। अब नौवीं, दसवीं, 11वीं और 12वीं कक्षा में लेक्चरर पढ़ाएंगे। आयुक्त एवं महानिदेशक सेकेंडरी एजूकेशन के नियंत्रण में सिर्फ लेक्चरर रहेंगे।

अधिसूचना के साथ ही आयुक्त एवं महानिदेशक विजयेंद्र कुमार ने मुख्यालय पर मास्टर वर्ग से जुड़ी ब्रांच के स्टाफ को प्राथमिक शिक्षा निदेशक के तहत चले जाने के आदेश जारी कर दिए हैं। जिला स्तर पर मास्टर और सीएंडवी टीचर से संबंधित स्टाफ और ब्रांच जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारियों को भेजने को निर्देश दिया गया है।

Monday, September 12, 2011

D.Ed. Admission - 3rd Counselling


DIRECTOR, S.C.E.R.T. HARYANA, GURGAON
3rd Counselling schedule for admission to D.Ed. (2011-13)
In continuation of 1st phase and 2nd phase of counselling conducted during 30.07.2011 to 18.08.2011 & 27.08.2010 to 04.09.2011on the basis of merit /percentage of marks obtained in 10+2 exam (Course wise, Stream wise and Category wise) the candidates who applied for admission to D.Ed. Course 2011-13 and whose application forms were received up to 04.07.2011, will report to the Director, SCERT Haryana, Gurgaon for verification of their eligibility on the dates and time/session mentioned in the Link given below: 

Friday, July 29, 2011

दो अगस्त से मिलेंगे शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्रोस्पेक्टस


हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा की तिथि घोषित कर दी है। परीक्षा 24 और 25 सितंबर को होगी। इस बार उम्मीदवारों को डेढ़ घंटे की एक ही परीक्षा देनी होगी। परीक्षा में केवल डेढ़ सौ प्रश्न ही पूछे जाएंगे। 24 सितंबर को जेबीटी और अध्यापक, जबकि 25 को प्राध्यापक वर्ग की परीक्षा होगी। परीक्षा के आवेदन पत्र 2 अगस्त से शिक्षा बोर्ड के भिवानी स्थित मुख्यालय, बोर्ड से रजिस्टर्ड पुस्तक विक्रेताओं व बोर्ड के जिला समन्वय केंद्रों पर उपलब्ध होंगे। आवेदन पत्र 12 अगस्त सायं 5 बजे तक जिला समन्वय केंद्रों पर जमा कराए जा सकेंगे।
आवेदन पत्र सामान्य वर्ग के परीक्षार्थी 600 रुपये तथा अनुसूचित जाति व शारीरिक रूप से अक्षम परीक्षार्थी 300 रुपये नकद जमा करवाकर प्राप्त कर सकेंगे।

Sunday, July 24, 2011

Haryana शिक्षक पात्रता परीक्षा (HTET) सितंबर में


24 को जेबीटी, 25 को बीएड, जूनियर लेक्चरर के लिए होगी परीक्षा

भिवानी। सरकारी नौकरी पाने के लिए राज्य अध्यापक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी) की बाट जोह रहे बेरोजगारों के लिए खुशखबरी है। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की बैठक में 
24 और 25 सितंबर को यह परीक्षा आयोजित करवाने का फैसला लिया गया है। हालांकि फैसले पर अंतिम मुहर अभी नहीं लगी है। बोर्ड के आधिकारिक सूत्र बताते हैं कि इस फैसले पर आजकल में बोर्ड की मुहर लग जाएगी। इसके लिए अगस्त के प्रथम सप्ताह से प्रोस्पेक्टस उपलब्ध होंगे।

बोर्ड से मिली जानकारी के अनुसार सरकार की ओर से बोर्ड को अध्यापक पात्रता परीक्षा आयोजित करवाने के लिए मंजूरी मिल चुकी है। परीक्षा के संचालन के लिए बोर्ड के अधिकारियों की बैठक बुलाई गई और फैसले को अंतिम रूप दे दिया गया। 24 सितंबर को जेबीटी और 25 को बीएड व जूनियर लेक्चरर के लिए पात्रता परीक्षा होगी।

अध्यापक पात्रता परीक्षा के लिए ‘प्रोस्पेक्टस’ छपवाने के लिए दिए गए हैं। अगस्त के प्रथम सप्ताह में ये आवेदकों के लिए उपलब्ध होंगे।

बेरोजगारों को करीब दो साल से अध्यापक पात्रता परीक्षा का इंतजार था। यह परीक्षा सबसे पहले जुलाई 2008 में हुई थी। उस समय यह परीक्षा हर साल एक बार आयोजित करवाने का निर्णय लिया गया था। हालांकि वर्ष 2009 में अध्यापक पात्रता परीक्षा का दो बार आयोजन करवाया गया। वर्ष 2010 में यह परीक्षा एक बार भी नहीं हुई। इस साल भी अब तक इस परीक्षा को लेकर असमंजस बनी हुई थी।

30 सितंबर से शुरू होंगी शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं


 हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने प्रथम सेमेस्टर परीक्षाओं का शेड्यूल बदल दिया है। सितंबर के प्रथम सप्ताह में शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षाएं अब 30 सितंबर से शुरू होगी। हालांकि बोर्ड ने परीक्षा के लिए तय तारीख में फेरबदल की गुंजाइश भी रखी है। बोर्ड के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक बोर्ड की अहम बैठक में यह निर्णय लिया गया है।
बोर्ड सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 30 सितंबर से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षाओं में करीब आठ लाख परीक्षार्थी बैठेंगे। पहले फाइनल सेमेस्टर की परीक्षाएं और बाद में गरमी की छुट्टियों के चलते इस बार प्रथम सेमेस्टर के लिए परीक्षा फार्म एक जुलाई को जिला शिक्षा अधिकारियों के कार्यालयों में भेजे गए और 11 जुलाई तक परीक्षार्थियों के आवेदन लिए गए थे। इससे पहले परीक्षा के लिए आवेदन मई में लिए जाते थे लेकिन इस बार आवेदन फार्म स्कूल की छुट्टियों के बाद लिए गए।
हालांकि पिछले साल भी प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं अक्तूबर में संपन्न हुई थी।

बोर्ड सूत्र बताते हैं कि बोर्ड की अहम बैठक में 30 सितंबर से प्रथम सेमेस्टर परीक्षाएं आरंभ करने का निर्णय लिया गया है। किसी कारणवश जरूरी हुआ तो अक्तूबर के प्रथम सप्ताह में भी परीक्षाएं शुरू की जा सकती हैं। 

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के सचिव शेखर विद्यार्थी ने इस बात की पुष्टि की कि प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं 30 सितंबर या अक्तूबर के प्रथम सप्ताह में शुरू करवाई जाएंगी।बोर्ड ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।
Source: Amar Ujala 20/07/2011 Page-3 Panchkula-Haryana Edition